Fact Check: 22 हजार से 5 लाख कमाने का झांसा! वित्त मंत्री के नाम पर वायरल वीडियो निकला फर्जी

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Fact Check: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने लोगों के बीच सनसनी फैला दी है. इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि सिर्फ 22 हजार रुपये निवेश करके एक हफ्ते के अंदर करीब साढ़े पांच लाख रुपये कमाए जा सकते हैं. वीडियो में देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को इस कथित निवेश योजना का प्रचार करते हुए दिखाया जा रहा है, जिससे कई लोग इसे सच मानकर आकर्षित हो रहे हैं. पहली नजर में यह वीडियो बिल्कुल असली लगता है और इसमें वित्त मंत्री लोगों को इस स्कीम में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करती नजर आती हैं. लेकिन जब इस दावे की गहराई से जांच की गई, तो सामने आया कि यह पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है.

🤖 AI का खतरनाक इस्तेमाल, वीडियो निकला डीपफेक

इस वायरल वीडियो की सच्चाई सामने लाने के लिए सरकारी एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक ने जांच की. जांच में पाया गया कि यह वीडियो पूरी तरह से डीपफेक तकनीक से तैयार किया गया है. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से वित्त मंत्री के पुराने वीडियो को एडिट किया गया और उनकी आवाज को नकली तरीके से डब किया गया. सरकार ने साफ किया है कि न तो वित्त मंत्रालय और न ही निर्मला सीतारमण ने ऐसी किसी निवेश योजना का ऐलान किया है.

कैसे काम करता है यह ठगी का जाल

इस तरह के वीडियो का मुख्य उद्देश्य लोगों को जल्दी अमीर बनने का लालच देना होता है. जालसाज जानते हैं कि आम लोग कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए आकर्षित होते हैं, और इसी लालच का फायदा उठाकर उन्हें फंसाया जाता है. वीडियो के जरिए लोगों को किसी फर्जी वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर भेजा जाता है, जहां उनसे निवेश के नाम पर पैसे जमा कराए जाते हैं. इसके बाद ठग पैसे लेकर गायब हो जाते हैं.

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कोई भी वैध बैंक, सरकारी संस्था या निवेश योजना सिर्फ 7 दिनों में पैसे को 20 से 25 गुना नहीं कर सकती. ऐसे दावे हमेशा फर्जी होते हैं.

लोग क्यों हो रहे हैं शिकार

डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने वाली जानकारी पर लोग जल्दी भरोसा कर लेते हैं. जब किसी बड़े और भरोसेमंद चेहरे जैसे कि वित्त मंत्री को वीडियो में दिखाया जाता है, तो लोग उसे बिना जांचे सच मान लेते हैं. यही वजह है कि ऐसे डीपफेक वीडियो तेजी से वायरल होते हैं और बड़ी संख्या में लोग इनके झांसे में आ जाते हैं.

पीआईबी और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों को साफ चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे वीडियो और निवेश स्कीम पर आंख मूंदकर भरोसा न करें. किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करना बेहद जरूरी है.

फर्जी वीडियो की पहचान कैसे करें

आज के समय में डीपफेक वीडियो को पहचानना जरूरी हो गया है. ऐसे वीडियो में अक्सर आवाज और चेहरे के हाव-भाव में हल्की असमानता होती है. अगर कोई बड़ा नेता या अधिकारी किसी स्कीम का प्रचार करता दिखे, तो उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूर करें.

धोखाधड़ी से कैसे बचें

ऐसी ठगी से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए.

  • किसी भी सरकारी योजना की जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट (gov.in) या वेरिफाइड सोशल मीडिया हैंडल से ही लें.
  • अनजान लिंक, ऐप या वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें.
  • बहुत ज्यादा मुनाफा देने वाली स्कीम से हमेशा दूर रहें.

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