नागपुर में जल्द ही एक अत्याधुनिक नया हॉस्पिटल बनने जा रहा है. क्वालिटी केयर इंडिया लिमिटेड (क्यूसीआईएल) को 350 से अधिक बेड वाले स्टेट-ऑफ-द-आर्ट मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (एलओए) प्राप्त हुआ है. यह परियोजना महाराष्ट्र और पूरे मध्य भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर आधारित यह अस्पताल महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महा-मेट्रो) के सहयोग से विकसित किया जाएगा.
उच्चस्तरीय कार्यक्रम में हुआ समझौता
7 फरवरी को आयोजित हो चुके एडवांटेज विदर्भ समिट के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में महा-मेट्रो और क्यूसीआईएल के बीच एलओए का आदान-प्रदान हुआ. केयर हॉस्पिटल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पवन कुमार भी इस मौके पर मौजूद थे. हॉस्पिटल कस्तूरचंद पार्क मेट्रो स्टेशन के पास महा-मेट्रो की जमीन पर बनेगा, जो नागपुर का एक प्रमुख शहरी और ट्रांसपोर्ट हब है.
600 करोड़ का निवेश और तीन साल में निर्माण
क्यूसीआईएल इस परियोजना में करीब 600 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. अस्पताल के लिए 7202 वर्ग मीटर भूमि निर्धारित की गई है, जहां लगभग 3.50 लाख वर्ग फुट से अधिक निर्माण संभव है. चूंकि फाउंडेशन और पार्किंग का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है, इसलिए परियोजना के अगले तीन वर्षों में पूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है. यह अत्याधुनिक अस्पताल हृदय रोग (कार्डियोलॉजी), कैंसर उपचार (ऑन्कोलॉजी), पाचन तंत्र रोग (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), ट्रॉमा केयर और न्यूरोसाइंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेष उत्कृष्टता केंद्रों से सुसज्जित होगा.
मरीजों और रोजगार पर सकारात्मक असर
इससे विदर्भ क्षेत्र के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधा पास में मिलेगी, जिससे उन्हें बड़े शहरों या बाहर जाने की जरूरत कम पड़ेगी. परियोजना से प्रत्यक्ष रोजगार के 1500 से 1800 तक अवसर पैदा होंगे और अप्रत्यक्ष रोजगार भी बढ़ेगा. महा-मेट्रो को 60 साल की लीज पर कुल 1850 करोड़ से ज्यादा की कमाई होगी, जिसमें शुरुआती प्रीमियम, वार्षिक फीस और अन्य शुल्क शामिल हैं. QCIL के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर वरुण खन्ना ने कहा कि यह परियोजना संरचित सार्वजनिक-निजी भागीदारी की महत्वपूर्णता दिखाती है, जो सुलभ, एकीकृत और टिकाऊ स्वास्थ्य प्रणाली बनाती है.
टियर-2 शहरों के लिए महत्वपूर्ण पहल
स्वास्थ्य अवसंरचना को शहरी विकास के साथ जोड़कर एक ऐसा स्केलेबल मॉडल तैयार किया जा सकता है, जिसे अन्य शहरों में भी लागू किया जा सके. नागपुर जैसे शहरों के लिए यह पहल क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने और टियर-2 व टियर-3 शहरों की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण साबित होगी. केयर हॉस्पिटल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पवन कुमार के अनुसार, संगठित स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए ऐसी साझेदारियां जरूरी हैं, जो स्थानीय समुदाय की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी और संवेदनशील सेवाएं प्रदान कर सकें.
निवेश से बढ़ेगी क्षेत्रीय स्वास्थ्य क्षमता
नागपुर में यह निवेश टियर-2 शहरों में मल्टी-स्पेशियलिटी क्षमता विकसित करने का सोचा-समझा प्रयास है. हॉस्पिटल उच्च नैदानिक मानकों के साथ शहर के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में योगदान देगा. उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के समर्थन की सराहना की तथा महा-मेट्रो के साथ साझेदारी पर उत्साह जताया. क्यूसीआईएल ब्लैकस्टोन के समर्थन से चल रही है और केयर हॉस्पिटल्स के अलावा एवरकेयर बांग्लादेश तथा केआईएमएस हेल्थ केरल भी संचालित करती है. केयर हॉस्पिटल्स 1997 में स्थापित हुआ और हैदराबाद मुख्यालय है.
QCIL का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार
कंपनी वर्तमान में भारत के छह राज्यों के सात शहरों में 17 स्वास्थ्य सुविधाओं का संचालन करती है, जिनमें 3000 से अधिक बेड उपलब्ध हैं. साथ ही यह 33 से ज्यादा क्लिनिकल स्पेशियलिटी में चिकित्सा सेवाएं प्रदान करती है. नागपुर में बनने वाला यह नया अस्पताल गुणवत्ता-युक्त स्वास्थ्य सेवाओं को बड़े शहरों तक सीमित न रखकर क्षेत्रीय स्तर पर उपलब्ध कराने की दिशा में QCIL की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा तथा स्थानीय चिकित्सा ढांचे को भी सुदृढ़ बनाएगा.
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