Lucknow: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस की नीतियों और फैसलों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास ऐसे कई निर्णयों से भरा हुआ है, जहां न्याय और समानता की जगह वोट बैंक की राजनीति को प्राथमिकता दी गई.
कांग्रेस के फैसलों पर उठाए सवाल
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास ऐसे अनेक निर्णयों से भरा पड़ा है, जिनमें न्याय और समानता की बजाय वोट बैंक को प्राथमिकता दी गई—चाहे वह 1986 का शाह बानो प्रकरण हो, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को पलटकर एक मुस्लिम महिला के अधिकारों से समझौता किया गया. या फिर वक्फ अधिनियम 1995, जिसने भूमि प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए.
कानून और नीतियों पर आलोचना
उन्होंने आगे कहा कि 2011 का प्रस्तावित साम्प्रदायिक हिंसा विधेयक भी व्यापक आलोचना का विषय बना, क्योंकि उसमें कानून को साम्प्रदायिक आधार पर झुकाने का प्रयास दिखाई दिया. समान नागरिक संहिता का वर्षों तक विरोध और तथाकथित चयनात्मक धर्मनिरपेक्षता ने समाज को जोड़ने के बजाय विभाजित करने का काम किया है.
तुष्टिकरण की राजनीति पर टिप्पणी
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि जब राजनीति का आधार तुष्टिकरण हो, तो भाषा का विषाक्त होना स्वाभाविक है.
विकास और समानता पर जोर
उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का भारत विकास, कानून के समक्ष समानता और राष्ट्रहित की दिशा में आगे बढ़ चुका है, जबकि कांग्रेस अब भी पुरानी सोच में जकड़ी हुई है. उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है, पर आश्चर्यजनक नहीं,”