TMC का बाहुबली नेता श्यामली मैती गिरफ्तार, रंगदारी मांगने का आरोप, नौकरी दिलाने के नाम पर भी की करोडों की ठगी

West Bengal: पश्चिम बंगाल के हल्दिया में पुलिस ने मजनू के नाम से फेमस तृणमूल कांग्रेस के ताकतवर नेता श्यामली मैती को गिरफ्तार कर लिया है. मैती पर रंगदारी मांगने का आरोप है. हल्दिया अनुमंडल अदालत में पेश किए जाने के बाद कोर्ट ने श्यामली मैती को 7 दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने नौकरी दिलाने के नाम पर भी लोगों से पैसा ऐंठा है.

पुराने राजनीतिक किस्से फिर से ताजा

इस गिरफ्तारी ने उस पुराने राजनीतिक किस्से को फिर से ताजा कर दिया है, जब चुनाव के दौरान इन नेताओं को ‘लैला-मजनू’ कहा गया था. श्यामली मैती का नाम एक बड़े बाहुबली के तौर पर जाना जाता है. वह पूर्व विधायक तापसी मंडल के काफी करीबी माने जाते हैं. उन पर लगे आरोपों की सूची काफी लंबी है. पुलिस के मुताबिक, टाउनशिप के रहने वाले प्रमोटर मानस भुइयां ने मैती के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिरासत में लिया

आरोप है कि मैती ने न केवल उन्हें धमकाया, बल्कि बंदूक की नोक पर उनसे 3 लाख रुपये भी छीन लिए. इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया है. वह पहले सीपीआईएम में थे, फिर बीजेपी में गए और चुनाव से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था. उनकी राजनीतिक यात्रा काफी उतार-चढ़ाव वाली रही है, लेकिन आरोपों का सिलसिला कभी नहीं रुका.

राजनीतिक पहलू भी बेहद दिलचस्प

गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस वसूली रैकेट में उनके साथ और कौन-कौन शामिल है. इस मामले का एक राजनीतिक पहलू भी बेहद दिलचस्प है. बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान जब सुवेंदु अधिकारी हल्दिया पहुंचे थे, तो उन्होंने इस नेता और पूर्व विधायक तापसी मंडल की जुगलबंदी पर जमकर निशाना साधा था. चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने इन दोनों को मंच से ही ‘लैला-मजनू’ कहकर पुकारा था.

रंगदारी के आरोप में सलाखों के पीछे

आज जब उनमें से एक ‘मजनू’ भ्रष्टाचार और रंगदारी के आरोप में सलाखों के पीछे है, तो विरोधी दल इस पर तंज कसने से पीछे नहीं हट रहे. श्यामली मैती की गिरफ्तारी के बाद हल्दिया में कई और लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं. पुलिस ने साफ किया है कि वे इस मामले की गहराई से जांच करेंगे. पूछताछ के दौरान पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि क्या मैती के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था.

इसका दायरा बहुत बड़ा

क्या ये वसूली सिर्फ एक प्रमोटर तक सीमित थी, या इसका दायरा बहुत बड़ा है? इन तमाम सवालों के जवाब ढूंढने के लिए पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े नेता का इस तरह जेल जाना इलाके में फैले डर को कम करेगा, बशर्ते जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़े.

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