राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के दौरान आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय औषधीय पौधे बोर्ड ने संपूर्ण पोषण के लिए 6 औषधीय पौधों को रोजाना की डाइट में शामिल करने की सलाह दी है. जानिए शतावरी, मोरिंगा, आंवला, ब्राह्मी, गिलोय और तुलसी की खूबियां.
तिर्यक ताड़ासन एक सरल खड़े होकर किया जाने वाला योगासन है. इसके अभ्यास से रीढ़ की लचक, संतुलन और एकाग्रता में सुधार के साथ पाचन और कमर से जुड़ी परेशानियों में मदद मिल सकती है. जानें सही तरीका और सावधानियां.
पद्मासन योग की प्रमुख ध्यानात्मक मुद्राओं में शामिल है. इसका नियमित अभ्यास एकाग्रता, मानसिक शांति, पाचन और शरीर के लचीलेपन के लिए उपयोगी हो सकता है. जानें इसके फायदे और सावधानियां.
बारिश और बदलते मौसम में सर्दी-खांसी की समस्या आम है. आयुष मंत्रालय के अनुसार अनुलोम-विलोम प्राणायाम खांसी से जुड़ी समस्याओं में राहत और तनाव व चिंता कम करने में मदद कर सकता है.
हवा में बढ़ता धुआं, धूल और पार्टिकुलेट प्रदूषण सांस से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकता है. बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है.
भुजंगासन यानी Cobra Pose शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद माना जाता है. इसके नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाने, पाचन सुधारने, छाती और कंधों की मांसपेशियों को स्ट्रेच करने और तनाव व थकान कम करने में मदद मिल सकती है. जानें भुजंगासन करने का सही तरीका.
ऊर्ध्वमुख पश्चिमोत्तानासन एक उन्नत योगासन है, जिसमें शरीर का संतुलन कूल्हों पर रखते हुए पैरों को ऊपर की ओर सीधा किया जाता है. जानें इसके फायदे और अभ्यास से जुड़ी खास बातें.
भेकासन को मेंढक आसन भी कहा जाता है. नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन और पीठ, पेट, पैर व जांघों की मांसपेशियों को मजबूती देने में मदद मिल सकती है. जानें भेकासन करने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां.
कमर और गर्दन की जकड़न से परेशान हैं तो उष्ट्रासन को योग रूटीन में शामिल कर सकते हैं. जानिए उष्ट्रासन करने का सही तरीका, इसके फायदे और किन लोगों को इसे करते समय सावधानी बरतनी चाहिए.