भारत में डिजिटल पेमेंट लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है. जुलाई 2026 में UPI के जरिए 23.66 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 29.88 लाख करोड़ रुपये रही. NPCI के मुताबिक यह अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड है.
UPI AutoPay की वजह से हर महीने अपने आप पैसे कट रहे हैं? जानिए AutoPay क्या होता है, इसे कैसे बंद करें, एक्टिव Mandate कहां देखें और किन मामलों में इसे बंद नहीं करना चाहिए.
अगर आपके साथ UPI या नेट बैंकिंग के जरिए ऑनलाइन फ्रॉड हो जाता है, तो RBI के नए नियम के तहत बैंक से रिफंड मिल सकता है. जानिए पूरी प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी शर्तें.
Paytm ने Pocket Money नाम से नया फीचर लॉन्च किया है. इसकी मदद से बच्चे बिना बैंक अकाउंट के भी UPI से भुगतान कर सकेंगे. खर्च की सीमा तय करने और हर ट्रांजैक्शन पर कंट्रोल माता-पिता के पास रहेगा.
भारत का UPI अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं है. दक्षिण अफ्रीका ने इसे कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में एक आदर्श मॉडल बताया है और अपने डिजिटल भुगतान सिस्टम के विकास में इससे प्रेरणा लेने की बात कही है.
देश के कई टियर-2 और टियर-3 शहरों में ATM में नकदी की कमी होने की आशंका जताई गई है. ATM इंडस्ट्री ने RBI और बैंकों से जल्द समाधान की मांग की है. हालांकि RBI ने भरोसा दिलाया है कि ग्राहकों को नकदी की कमी नहीं होने दी जाएगी.
मई 2026 में UPI के जरिए 23.20 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए. NPCI के अनुसार कुल 29.90 लाख करोड़ रुपये का डिजिटल लेनदेन हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है.
1 जून से UPI पेमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव लागू हो गया है. अब QR कोड स्कैन करने पर भुगतान से पहले खाताधारक का असली बैंक-रजिस्टर्ड नाम दिखाई देगा, जिससे फ्रॉड और गलत ट्रांसफर की संभावना कम होगी.
1 जून से UPI, PAN कार्ड, ATM ट्रांजैक्शन, बैंकिंग सेवाओं और LPG सिलेंडर से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं. जानिए कौन-कौन से बदलाव आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करेंगे.
भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI ने 10 साल पूरे कर लिए हैं और इस दौरान लेनदेन में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है. FY26 में 218 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए, जो इसकी तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है.