भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला सप्ताह काफी अहम रहने वाला है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, वैश्विक बॉन्ड यील्ड, अमेरिकी रोजगार आंकड़े और FII की गतिविधियां बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकती हैं.
भारत की अर्थव्यवस्था को विदेशी निवेशकों की वापसी, मानसून में सुधार और घरेलू विकास से मजबूती मिली है. हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई बाजार के लिए चुनौती बने हुए हैं.
अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के Q4 नतीजे अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे. निवेशकों की नजर इन बड़े फैक्टर्स पर रहेगी.
पिछले सप्ताह बाजार में आई तेज गिरावट के बाद अब निवेशकों की निगाह अगले सप्ताह आने वाले घरेलू और वैश्विक संकेतों पर टिकी है. इनमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स, भारतीय रिजर्व बैंक के संकेत, आईटी सेक्टर...
शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता बेहद अहम है. महंगाई के नए आंकड़े, India-US ट्रेड डील, वैश्विक संकेत और निफ्टी के रेजिस्टेंस-सपोर्ट लेवल बाजार की दिशा तय कर सकते हैं.
बोफा सिक्योरिटीज (BofA Securities) के एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि टैरिफ संबंधी अनिश्चितताएं कम होने के बाद भारतीय बाजार विदेशी निवेश आकर्षित करने वाले एशिया के शीर्ष तीन बाजारों में शामिल होंगे, जिसमें रुपया और स्थानीय मुद्रा-मूल्यवान...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्रसिद्ध तमिल कृति ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया. 133 अध्यायों और 1,330 दोहों वाली इस रचना का संबंध भारत और रूस के पुराने साहित्यिक जुड़ाव से भी बताया जाता है.