तीसरा बड़ा मंगल आज. 5 दुर्लभ संयोग में करें हनुमान जी की पूजा, मंगल दोष से मिलेगी राहत

आज ज्येष्ठ माह का तीसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ महीने के सभी मंगलवार भगवान हनुमान को समर्पित होते हैं और इन्हें बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है. माना जाता है कि इसी महीने में हनुमान जी की पहली भेंट प्रभु श्रीराम से हुई थी. यही कारण है कि इस दिन बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. इस साल अधिकमास होने की वजह से ज्येष्ठ माह में कुल 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं. ऐसे में इस बार का बड़ा मंगल और भी खास माना जा रहा है. देशभर के मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना, सुंदरकांड पाठ और भंडारों का आयोजन किया जा रहा है.

बुढ़वा मंगल क्यों कहते हैं ?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ महीने के मंगलवार को महाभारत की कथा से जोड़कर देखा जाता है. महाभारत में पांडव भाइयों में से एक भीम के पास 10 हजार हाथियों का बल था. भीम को अपने बल पर अभिमान हो गया था. हनुमान जी ने भीम का अभिमान तोड़ा था. एक बार अज्ञातवास में द्रौपदी के पास एक पुष्प उड़कर आ गया. द्रौपदी को पुष्प बहुत पसंद आया और ऐसे ही पुष्प लाने के लिए उस दिशा में भीम को भेजा. भीम पुष्प लेने के लिए उस दिशा में आगे बढ़ रहे थे. रास्ते में आने वाले पेड़ और सभी लताओं को भीम उखाड़कर फेंकते हुए आगे बढ़ते रहे. तब रास्ते में एक वृद्ध वानर अपनी पूंछ फैलाकर बैठा मिला. भीम ने वानर को पूंछ हटाने के लिए कहा. बूढ़े वानर ने कमजोर होने के कारण खुद को ऐसा करने में असमर्थ बताया. भीम से कहा वह खुद पूंछ हटाकर एक तरफ कर दें. भीम ने पूंछ को उठाने की खूब कोशिश की लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके.

भीम को समझ आ गया यह कोई साधारण वानर नहीं है. इसके बाद हनुमान जी ने अपने असली रूप में दर्शन दिये और भीम ने क्षमा मांगी. ऐसी मान्यता है कि, वह दिन ज्येष्ठ माह का मंगलवार था. इस कारण से इस दिन को बड़ा मंगल कहते हैं. हनुमान जी ने वृद्ध वानर के रूप में भीम का घमंड तोड़ा था इसलिए इसे बुढ़वा मंगल कहते हैं. बुढ़वा मंगल पर हनुमान जी के वृद्ध रूप की पूजा होती है.

आज बन रहे हैं 5 दुर्लभ शुभ संयोग

वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार बड़े मंगल पर 5 विशेष शुभ योग बन रहे हैं. धार्मिक मान्यता है कि इन शुभ मुहूर्त में पूजा करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन के संकट दूर होते हैं.

तीसरा बड़ा मंगल आज. 5 दुर्लभ संयोग में करें हनुमान जी की पूजा, मंगल दोष से मिलेगी राहत

ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 4:05 बजे से 4:47 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 2:34 बजे से 3:29 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 7:06 बजे से 7:27 बजे तक
अमृत काल – रात 9:14 बजे से 9:40 बजे तक
धार्मिक जानकारों के अनुसार इन समयों में पूजा-पाठ और मंत्र जाप करना बेहद फलदायी माना जाता है.

तीसरा बड़ा मंगल आज. 5 दुर्लभ संयोग में करें हनुमान जी की पूजा, मंगल दोष से मिलेगी राहत

मान्यता है कि बड़े मंगल की शाम कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.सबसे पहले घर के मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाना शुभ माना गया है. इसके अलावा मुख्य दरवाजे के दोनों ओर सरसों के तेल का दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है. वहीं तुलसी के पौधे के पास गाय के घी का दीपक जलाने से हनुमान जी के साथ मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होने की मान्यता है.

बड़ा मंगल पर ऐसे करें बजरंगबली को प्रसन्न

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़ा मंगल के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनने चाहिए और व्रत का संकल्प लेना चाहिए. इसके बाद हनुमान मंदिर जाकर भगवान को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और चोला अर्पित करना शुभ माना जाता है.पूजा के दौरान हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करना विशेष फलदायी माना गया है. भोग में बूंदी के लड्डू, बेसन के लड्डू या गुड़-चना अर्पित किया जा सकता है.

मंगल दोष दूर करने के लिए करें ये उपाय

ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, भूमि और आत्मविश्वास का कारक माना गया है. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष होता है तो उसे क्रोध, विवाद, मानसिक तनाव और जीवन में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी को शुद्ध घी में मिला सिंदूर अर्पित करना मंगल दोष को शांत करने में सहायक माना जाता है. पूजा के बाद हनुमान जी के चरणों का सिंदूर माथे पर तिलक के रूप में लगाना भी शुभ माना गया है. हनुमान जी की पूजा के इस उपाय को करने पर मंगल से जुड़े दोष और उससे संबंधित कष्ट दूर होते हैं.
इसके अलावा मंगल दोष से राहत पाने के लिए इन मंत्रों का जाप करना लाभकारी माना गया है.

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
ॐ अं अंगारकाय नमः

मान्यता है कि इन मंत्रों का 108 बार जाप करने से मंगल ग्रह शांत होता है और शुभ फल प्रदान करता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़ा मंगल के दिन सच्चे मन से की गई पूजा, दान और सेवा से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन से भय, रोग, संकट और नकारात्मकता दूर होती है.

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