Russia Nuclear Drone: पुतिन के पास ‘समंदर का राक्षस’, जानिए क्‍या है इसकी खासियत

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Russia Nuclear Drone: इस समय दुनियाभर में चल रही हलचलों के बीच सभी देश अपनी-अपनी सुरक्षा क्षमता को बढ़ाने में लगे हुए है. इसी बीच सबसे शक्तिशाली सेनाओं में शामिल रूस ने अपनी सैन्य क्षमता में एक ऐसा हथियार जोड़ लिया है, जिसे हथियार को पोसीडन कहा जाता है. इसे डूम्सडे ड्रोन और समंदर का राक्षस भी कहा जा रहा है.

कहा जा रहा है कि यह कोई साधारण हथियार नहीं, बल्कि समुद्र के भीतर से व्यापक विनाश करने वाला परमाणु सिस्टम है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुद इस हथियार की ताकत को सार्वजनिक मंचों पर समझा चुके हैं. उनके अनुसार पोसीडन ऐसा सिस्टम है, जिसे मौजूदा तकनीक से न रोका जा सकता है और न ही ट्रैक किया जा सकता है.

पोसीडन अंडरवॉटर ड्रोन

रूसी राष्‍ट्रपति का कहना है कि यह हथियार रूस की रणनीतिक सुरक्षा को पूरी तरह से ऊंचाई पर ले जाता है. बता दें कि पोसीडन एक परमाणु ऊर्जा से ऑपरेट होने वाला अंडरवॉटर ड्रोन है, जिसे मानव रहित पानी के भीतर चलने वाला वाहन कहा जाता है. इसे पनडुब्बी से लॉन्च किया जाता है और यह समुद्र की गहराइयों में बेहद लंबी दूरी तक बिना रुके यात्रा कर सकता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह बहुत कम शोर पैदा करता है, जिससे इसे दुश्मन के सोनार सिस्टम के लिए पहचानना बेहद मुश्किल हो जाता है.

रेडियो एक्टिव सुनामी पैदा करने की क्षमता

रूसी रणनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यदि पोसीडन को किसी दुश्मन देश के तटीय क्षेत्र के पास विस्फोटित किया जाए तो यह रेडियो एक्टिव सुनामी पैदा कर सकता है. इस विस्फोट से उठने वाली विशाल समुद्री लहरें न केवल तटीय शहरों को तबाह कर सकती हैं, बल्कि पानी के साथ घातक रेडिएशन भी फैला सकती हैं. इसका असर कई पीढ़ियों तक रहने की आशंका है.

कैसे तैयार किया गया है पोसीडन?

पोसीडन को टाइटेनियम अलॉय से तैयार किया गया है, जिससे यह समुद्र की अत्यधिक गहराइयों में भी दबाव झेल सकता है. इसके अलावा, इसमें एक छोटा, लेकिन अत्यंत शक्तिशाली परमाणु रिएक्टर लगाया गया है, जो इसे लंबे समय तक सक्रिय रखता है. इसकी गति पारंपरिक टॉरपीडो से कहीं अधिक बताई जाती है, जिससे इसे रोक पाना लगभग असंभव माना जा रहा है.

क्या है पोसीडन की विशेषता?

वहीं, इस हथियार की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह चुपके से हमला करने में सक्षम है. हमले के दौश्रान इसकी आवाज इतनी धीरे होती है कि आधुनिक सोनार सिस्टम भी इसे समय रहते पकड़ नहीं पाते. ऐसे में जानकारों का मानना है कि जब तक किसी देश को इसके आने का अंदाजा लगेगा, तब तक यह अपने लक्ष्य के नीचे विस्फोट कर चुका होगा.

कैसे एक्टिव होता है ड्रोन?

रूस इस ड्रोन को सिर्फ पनडुब्बियों से ही नहीं, बल्कि स्किफ नामक तकनीक के जरिए समुद्र में निष्क्रिय अवस्था में भी छोड़ सकता है. इस तकनीक के तहत पोसीडन को समुद्र में किसी कंटेनर के भीतर छिपाकर लंबे समय तक रखा जा सकता है. जैसे ही रूस से संकेत मिलता है या कोई लक्ष्य पास आता है, यह ड्रोन सक्रिय होकर हमला कर सकता है.

पोसीडनल एक डूम्सडे हथियार

पोसीडन को डूम्सडे हथियार इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इसका मकसद सिर्फ सैन्य ठिकानों को नष्ट करना नहीं, बल्कि पूरे के पूरे तटीय क्षेत्रों को रहने लायक न छोड़ना है. रेडिएशन, समुद्री तबाही और लंबे समय तक रहने वाला पर्यावरणीय नुकसान इसे पारंपरिक परमाणु हथियारों से भी अधिक खतरनाक बनाता है.

इसे भी पढें:-‘ईरान पर हमला और गाजा में युद्ध बहाल, ट्रंप ने शांति बोर्ड बनाने का किया ऐलान  

Latest News

Gaza Ceasefire: गाजा में सीजफायर का दूसरा फेज लागू, अमेरिका की पहल पर UN की मुहर

Gaza Ceasefire News: संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा घोषित गाजा संघर्ष विराम के दूसरे चरण की शुरुआत का संयुक्त राष्ट्र...

More Articles Like This