Middle East Tensions: बुधवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने चेतावनी दी कि ईरान में चल रहा संघर्ष यूके के भविष्य पर गहरा असर डालेगा और देश इसके आर्थिक नतीजों का सामना करने के लिए तैयार है.
स्टार्मर ने कहा, “यह तूफान भले ही कितना जबरदस्त क्यों न हो, हम इसका सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.” ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि यह उनका युद्ध नहीं है और यूके इसमें शामिल नहीं होगा, क्योंकि यह उनके राष्ट्र के हित में नहीं है.
होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर जोर
बढ़ती जीवन-यापन की लागत को लेकर जताई जा रही चिंताओं पर बात करते हुए स्टार्मर ने कहा, “ब्रिटेन में जीवन-यापन की लागत को संभालने का सबसे असरदार तरीका यह है कि हम मिडिल-ईस्ट में तनाव कम करने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर जोर दें, जो ऊर्जा के लिए एक बेहद अहम रास्ता है.”
उन्होंने जारी कूटनीतिक प्रयासों पर जोर देते हुए कहा, “इस उद्देश्य के लिए हम हर उस कूटनीतिक रास्ते को तलाश रहे हैं, जो हमारे लिए उपलब्ध है.”
उन्होंने आगे कहा, “विदेश सचिव और चांसलर जी7 में अपने समकक्षों से मिल चुके हैं. रक्षा सचिव मध्य पूर्व में हमारे साझेदारों से बातचीत कर रहे हैं और यूके ने अब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एकजुट होकर काम करने के हमारे इरादे के बयान के समर्थन में 35 देशों को एक साथ ला खड़ा किया है.”
क्या कहा ऑस्ट्रेलिया के पीएम ने?
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि आने वाले महीने आसान नहीं हो सकते हैं.
उन्होंने कहा, “आने वाले महीने आसान नहीं होंगे. मैं इस बारे में साफ-साफ बता देना चाहता हूं. कोई भी सरकार इस युद्ध की वजह से पैदा हो रहे दबावों को खत्म करने का वादा नहीं कर सकती. मैं यह वादा कर सकता हूं कि हम ऑस्ट्रेलिया को इसके सबसे बुरे असर से बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे.”
उन्होंने आगे कहा, “ये अनिश्चित समय हैं, लेकिन मुझे इस बात का पूरा यकीन है कि हम इन वैश्विक चुनौतियों का सामना मिलकर काम करते हुए और एक-दूसरे का ख्याल रखते हुए करेंगे जैसा कि हम हमेशा से करते आए हैं.”

