Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, मानो, हम मरने वाले नहीं हैं ! हमें अपने घर के आंगन में होने वाले किसी के विवाह की तैयारियां महीनों पहले करनी पड़ती है। कहीं बाहर प्रवास के लिए जाने पर भी कुछ दिन पहले से ही तैयारियां की जाती हैं।
किन्तु जो अनिवार्य है, क्या उस मृत्यु की तैयारी हम पहले से करते हैं? हम विवाह से शायद चूक सकते हैं। बाहर गाँव जाना भी शायद रोका जा सकता है। किन्तु मृत्यु तो अनिवार्य ही है। इतना होते हुए भी मनुष्य मरने से पूर्व कोई तैयारी करता ही नहीं। मानो, वह कभी मरने वाला ही नहीं है।
सद्विचार नींव है और सदाचार भवन है। यदि नींव मजबूत होगी तो ही भवन टिक सकेगा। सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना।