India AI Impact Summit 2026: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में उभरते हुए एप्लाइड एआई इकोसिस्टम की झलक देखने को मिली, जो केवल शोध तक सीमित न रहकर ऐसे व्यावहारिक उपकरण विकसित करने पर केंद्रित है जिन्हें वास्तविक दुनिया में इस्तेमाल किया जा सके. खालसा वॉक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एप्लाइड एआई, शिक्षा में इसका एकीकरण और उद्योग के लिए तैयार रोबोटिक्स पर विशेष जोर इस बात का संकेत है कि भारत का टेक इकोसिस्टम तेजी से परिपक्व हो रहा है. यह इकोसिस्टम रक्षा, कृषि, शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए उपयोगी समाधान तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है.
व्यावहारिक तकनीकी समाधान और वीटीओएल ड्रोन
रिपोर्ट में बताया गया कि भविष्य की तकनीकों पर चर्चा के साथ-साथ कई प्रदर्शकों ने व्यावहारिक और स्थानीय स्तर पर विकसित समाधान भी प्रस्तुत किए, जो वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने के लिए बनाए गए हैं. कार्यक्रम में एक हाइब्रिड वर्टिकल टेक-ऑफ-एंड-लैंडिंग (वीटीओएल) मानव रहित हवाई वाहन का प्रदर्शन किया गया, जो मल्टी-रोटर उड़ान की लचीलापन और फिक्स्ड-विंग विमान की लंबी दूरी की क्षमता को एक साथ जोड़ता है. यह प्रणाली लंबे समय तक हवाई निगरानी और आपातकालीन सहायता के लिए बनाई गई है.
एआई आधारित ड्रोन और कृषि समाधान
यह प्लेटफॉर्म नेविगेशन और रियल-टाइम डेटा विश्लेषण को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करता है. कृषि क्षेत्र के लिए प्रस्तुत एक अन्य ड्रोन समाधान में एआई-आधारित इमेजिंग तकनीक शामिल है, जो फसलों में रोगों की शुरुआती अवस्था में पहचान करने और लक्षित छिड़काव के जरिए रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने में सहायक है. रिपोर्ट के अनुसार, शोधकर्ताओं ने निगरानी, आपदा प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स जैसे कार्यों के लिए तैयार विभिन्न ड्रोन तकनीकों का प्रदर्शन किया, जो इंजीनियरों और संचालन एजेंसियों के बीच बढ़ते सहयोग को भी दर्शाता है.
शिक्षा और मिशन-रेडी प्लेटफॉर्म पर फोकस
रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना प्रमुखों ने बताया कि अब ध्यान ऐसे अनुकूल डिजाइनों पर है जिन्हें विशेष भौगोलिक क्षेत्रों और मिशन की जरूरतों के अनुसार बदला जा सके. रिपोर्ट में मिशन के लिए तैयार मानवरहित प्लेटफॉर्मों के निर्माण में शैक्षणिक संस्थानों की बढ़ती भूमिका की सराहना की गई. कई संगठनों ने एआई-केंद्रित शिक्षा मॉडल प्रस्तुत किए, जो अकादमिक पढ़ाई के साथ-साथ लंबे समय तक व्यावहारिक प्रशिक्षण को भी जोड़ते हैं. रिपोर्ट में जमीनी स्तर की एसटीईएम पहलों की विशेष सराहना की गई, खासकर स्कूली छात्रों के लिए डिजाइन किए गए मॉड्यूलर रोबोटिक्स किट्स की.
बच्चों के लिए रोबोटिक्स और एआई शिक्षा
ये प्लेटफॉर्म बच्चों को ब्लॉक कोडिंग, पायथन और सी++ जैसी भाषाओं के माध्यम से मशीनों को जोड़ने और प्रोग्राम करने का अवसर देते हैं, जिससे वे कम उम्र में ही मैकेनिकल सिस्टम, ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी समझ विकसित कर पाते हैं. निरीक्षण रोबोटिक्स ने भी खास ध्यान खींचा, जहां विंड टर्बाइन के रखरखाव के लिए विकसित एक क्लाइंबिंग रोबोट का प्रदर्शन किया गया. यह रोबोट एआई विजन और मैग्नेटिक तकनीक की सहायता से धातु संरचनाओं पर चढ़कर स्वचालित रूप से निरीक्षण और नियमित कार्य करने में सक्षम है.
यह भी पढ़े: अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में आय 10% बढ़ी, फिर भी 13 तिमाहियों बाद निफ्टी 50 का मुनाफा घटा

