Mutual Fund Investment: अप्रैल महीने में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय निवेशकों का भरोसा म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री पर मजबूत बना रहा. खास बात यह रही कि इक्विटी फंड्स के साथ-साथ Gold ETF में भी निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया. सोमवार को जारी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल के दौरान म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में कुल इनफ्लो बढ़कर 3.22 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ भी तेजी से रुख किया, जिसका फायदा Gold ETF को मिला.
इक्विटी फंड्स में बना रहा निवेशकों का भरोसा
अप्रैल के दौरान एक्टिवली मैनेज्ड इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में 38,440.20 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया. बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों ने इक्विटी योजनाओं से दूरी नहीं बनाई और SIP के जरिए निवेश जारी रखा. इक्विटी कैटेगरी में इस बार फ्लेक्सी-कैप फंड्स निवेशकों की पहली पसंद बने रहे, जहां अप्रैल के दौरान 10,147.85 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया.
वहीं स्मॉल-कैप और मिड-कैप फंड्स में भी निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया. स्मॉल-कैप फंड्स में 6,885.90 करोड़ रुपए और मिड-कैप फंड्स में 6,551.40 करोड़ रुपए का इनफ्लो आया. इसके अलावा लार्ज-कैप फंड्स में भी 2,524.61 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया. इन आंकड़ों से साफ है कि निवेशक अब केवल एक कैटेगरी पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग फंड्स में संतुलित निवेश करना पसंद कर रहे हैं.
Gold ETF में बढ़ी निवेशकों की दिलचस्पी
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर सोने में निवेश पर भी साफ दिखाई दिया. अप्रैल के दौरान Gold ETF में 3,040.3 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जो महीने-दर-महीने आधार पर 34 प्रतिशत ज्यादा है. 30 अप्रैल तक Gold ETF का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया. वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक आमतौर पर सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प मानते हैं और इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में Gold ETF में निवेश बढ़ा है.
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, अप्रैल के दौरान वैश्विक Gold ETF में 6.6 अरब डॉलर का निवेश आया. इस दौरान यूरोप के फंड्स सबसे आगे रहे और लगभग सभी क्षेत्रों में सकारात्मक निवेश दर्ज किया गया.
डेट फंड्स में भी लौटी मजबूती
अप्रैल महीने में डेट म्यूचुअल फंड्स में भी मजबूत निवेश देखने को मिला. इस दौरान डेट फंड्स में कुल 2.47 लाख करोड़ रुपए का इनफ्लो दर्ज किया गया. ओवरनाइट और लिक्विड फंड्स में निवेश सबसे ज्यादा रहा. ओवरनाइट फंड्स में 31,420.45 करोड़ रुपए और लिक्विड फंड्स में 1.65 लाख करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया. कम जोखिम और छोटी अवधि के सुरक्षित निवेश विकल्पों की वजह से निवेशकों का रुझान इन फंड्स की तरफ तेजी से बढ़ता दिखाई दिया.
पूरे साल में AUM में बड़ा उछाल
इससे पहले घरेलू म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने वित्त वर्ष 2025-26 का समापन 73.73 लाख करोड़ रुपए के एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM के साथ किया था. शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद पूरे साल के दौरान इंडस्ट्री के AUM में 12.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और करीब 8 लाख करोड़ रुपए का इजाफा दर्ज किया गया. पिछले कुछ वर्षों में छोटे शहरों से भी बड़ी संख्या में लोग म्यूचुअल फंड्स और SIP के जरिए निवेश करना शुरू कर चुके हैं. यही वजह है कि बाजार में अस्थिरता के बावजूद म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है.
यह भी पढ़े: नेपाल में टला विमान हादसाः लैंडिंग के दौरान टायर में लगी आग, सवार थे 289 यात्री

