Infrastructure Projects India: भारत में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर सरकार का पूंजीगत खर्च लगातार बढ़ रहा है. जून 2026 तक देश में निर्माणाधीन 1,847 बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर कुल पूंजीगत खर्च बढ़कर 21.97 लाख करोड़ रुपये हो गया है. यह केंद्र सरकार की ओर से इन परियोजनाओं के लिए तय किए गए 40.54 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश का 54 प्रतिशत से अधिक है. केंद्र सरकार की ओर से सोमवार को जारी फैक्टशीट में यह जानकारी दी गई. आंकड़ों से पता चलता है कि बड़ी संख्या में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स अब निर्माण के अंतिम चरणों की ओर बढ़ रहे हैं. करीब 709 प्रोजेक्ट्स में 80% से ज्यादा काम पूरा हो चुका है. इसके अलावा 337 अन्य परियोजनाओं में 80 प्रतिशत से ज्यादा वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है.
ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर सबसे आगे
देश में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर सरकार के फोकस का असर इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश में भी दिखाई दे रहा है. ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर सबसे ज्यादा परियोजनाओं के साथ आगे है. इस सेक्टर में कुल 1,341 प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जिनकी अनुमानित लागत करीब 22.32 लाख करोड़ रुपये है. इन परियोजनाओं में सड़क, रेलवे, बंदरगाह और अन्य कनेक्टिविटी से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है. सरकार के मुताबिक, इन बड़े प्रोजेक्ट्स से देश की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने में भी मदद मिल रही है.
PAIMANA प्लेटफॉर्म से हो रही प्रोजेक्ट्स की निगरानी
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर नजर रखने के लिए सरकार PAIMANA डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही है. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा विकसित इस प्लेटफॉर्म के जरिए 150 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाले निर्माणाधीन केंद्रीय क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की निगरानी की जाती है. इस डिजिटल सिस्टम के जरिए परियोजनाओं की प्रगति, खर्च और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को ट्रैक करने में मदद मिलती है.
इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदर्शन की निगरानी के लिए नया डैशबोर्ड
सरकार ने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के प्रदर्शन को व्यापक स्तर पर देखने के लिए PAIMANA की भूमिका को भी बढ़ाया है. इसके तहत 16 अप्रैल 2026 को एक समर्पित परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग डैशबोर्ड लॉन्च किया गया था. यह डैशबोर्ड अलग-अलग प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स के प्रदर्शन से जुड़े संकेतकों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है. इसके लिए संबंधित मंत्रालयों और विभागों की ओर से उपलब्ध कराए गए आधिकारिक आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है. उपलब्ध नई जानकारी के आधार पर इन आंकड़ों को समय-समय पर अपडेट भी किया जाता है.
6 प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर शामिल
परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग डैशबोर्ड के तहत तैयार किया गया संकेतक ढांचा इंफ्रास्ट्रक्चर के छह प्रमुख उप-क्षेत्रों को कवर करता है. इनमें बिजली, नागरिक उड्डयन, दूरसंचार, रेलवे, सड़कें तथा बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग शामिल हैं. इन क्षेत्रों के प्रदर्शन को अलग-अलग संकेतकों के जरिए ट्रैक किया जाता है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में हो रही प्रगति की ज्यादा व्यापक तस्वीर सामने आती है.
अब 165 संकेतकों के जरिए होगी निगरानी
सरकार ने परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग डैशबोर्ड का दायरा बढ़ाकर अब 165 संकेतकों तक कर दिया है. इसके तहत 54 नए संकेतक जोड़े गए हैं. इससे अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों के प्रदर्शन को पहले की तुलना में ज्यादा व्यापक तरीके से मॉनिटर किया जा सकेगा. एक ही डिजिटल इंटरफेस पर अलग-अलग क्षेत्रों का प्रदर्शन देखने की सुविधा से नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और अन्य हितधारकों को भी मदद मिलेगी. इसमें इंटरैक्टिव विजुअलाइजेशन और टाइम-सीरीज विश्लेषण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनके जरिए समय के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में हुए बदलावों का आकलन किया जा सकता है.

