देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज National Stock Exchange (NSE) ने कमोडिटी मार्केट में बड़ा कदम उठाते हुए क्रूड ऑयल से जुड़े नए फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स लॉन्च करने का ऐलान किया है. एक्सचेंज 13 अप्रैल से ग्लोबल बेंचमार्क से लिंक्ड क्रूड ऑयल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स की शुरुआत करेगा, जिससे भारतीय निवेशकों और ट्रेडर्स को अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा. यह कदम देश के कमोडिटी डेरिवेटिव्स मार्केट को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे निवेशकों के पास ट्रेडिंग और हेजिंग के लिए ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे.
SEBI की मंजूरी के बाद लॉन्च होगा नया कॉन्ट्रैक्ट
NSE ने बताया कि Securities and Exchange Board of India (SEBI) से मंजूरी मिलने के बाद वह अपने कमोडिटी डेरिवेटिव सेगमेंट में डेटेड ब्रेंट क्रूड ऑयल (Platts) फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स लॉन्च करेगा. यह नया कॉन्ट्रैक्ट S&P Global Energy (Platts) डेटेड ब्रेंट असेसमेंट पर आधारित होगा, जिसे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों को ट्रैक करने के लिए एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क माना जाता है.
BRCRUDEOIL नाम से होगी ट्रेडिंग
इन नए फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स को BRCRUDEOIL नाम से ट्रेड किया जाएगा और यह मासिक आधार पर उपलब्ध होंगे. ट्रेडिंग का समय सोमवार से शुक्रवार सुबह 9:00 बजे से रात 11:30 बजे या 11:55 बजे तक रहेगा, जो अमेरिकी डेलाइट सेविंग टाइम पर निर्भर करेगा. इससे भारतीय बाजार को अंतरराष्ट्रीय बाजार के समय के साथ तालमेल बनाने में मदद मिलेगी.
कैश सेटलमेंट, फिजिकल डिलीवरी नहीं
इन फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स की खास बात यह है कि इनका निपटान पूरी तरह कैश में होगा. इसका मतलब है कि ट्रेडर्स को कच्चे तेल की वास्तविक डिलीवरी लेने या देने की जरूरत नहीं होगी. अंतिम सेटलमेंट प्राइस की गणना Platts डेटेड ब्रेंट कीमतों के मासिक औसत के आधार पर की जाएगी. इसके बाद इस मूल्य को Reserve Bank of India (RBI) द्वारा जारी विनिमय दर के आधार पर भारतीय रुपये में परिवर्तित किया जाएगा.
वैश्विक मानकों के अनुरूप होगा कॉन्ट्रैक्ट
NSE के अनुसार, यह कॉन्ट्रैक्ट S&P Global Energy द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करेगा. इससे यह सुनिश्चित होगा कि भारतीय बाजार में उपलब्ध यह उत्पाद वैश्विक व्यापार प्रथाओं के अनुरूप हो. इससे भारतीय निवेशकों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म मिलेगा, जहां वे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार के हिसाब से सटीक ट्रेडिंग और हेजिंग कर सकेंगे.
निवेशकों और कंपनियों के लिए बड़ा मौका
अब तक भारतीय ट्रेडर्स और कंपनियों को वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से जुड़े जोखिम को मैनेज करने के लिए विदेशी एक्सचेंजों या अन्य बेंचमार्क्स पर निर्भर रहना पड़ता था. लेकिन इस नए प्रोडक्ट के लॉन्च के बाद घरेलू स्तर पर ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय कीमतों से जुड़े ट्रेडिंग और हेजिंग का विकल्प मिल जाएगा. यह कदम खासतौर पर उन कंपनियों और निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, जो कच्चे तेल की कीमतों से सीधे प्रभावित होते हैं.
बाजार के लिए क्यों है अहम
विशेषज्ञों का मानना है कि प्लैट्स-आधारित डेटेड ब्रेंट कॉन्ट्रैक्ट्स की शुरुआत से भारतीय कमोडिटी बाजार में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी. यह उत्पाद वैश्विक तेल मूल्य निर्धारण के अधिक करीब होगा, जिससे ट्रेडर्स को बेहतर मूल्य संकेत (price signals) मिलेंगे और जोखिम प्रबंधन के लिए एक मजबूत टूल उपलब्ध होगा.
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