Oil Price Forecast: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखने लगा है. दुनिया के बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने 2026 के लिए कच्चे तेल की कीमतों के अपने अनुमान को बढ़ा दिया है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाधित होने से तेल आपूर्ति पर पड़ रहा असर बताया जा रहा है.
कीमतों के अनुमान में 10% से ज्यादा बढ़ोतरी
गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, 2026 में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की औसत कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है, जो पहले के 77 डॉलर प्रति बैरल के अनुमान से 10.38 प्रतिशत अधिक है.
वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड के लिए औसत कीमत 79 डॉलर प्रति बैरल रहने की उम्मीद जताई गई है, जो पहले के 72 डॉलर प्रति बैरल के अनुमान से 9.72 प्रतिशत ज्यादा है.
होर्मुज संकट से सप्लाई पर असर
यह संशोधित अनुमान इस आधार पर किया गया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल का प्रवाह अगले छह हफ्तों तक सामान्य क्षमता के केवल 5 प्रतिशत पर ही रहेगा. इसके बाद धीरे-धीरे आपूर्ति सामान्य होने की संभावना जताई गई है.
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है. यह संघर्ष अब चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है और इसके जल्द खत्म होने के संकेत भी नहीं मिल रहे हैं.
ट्रंप का अल्टीमेटम और ईरान की चेतावनी
सप्ताहांत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलमार्ग खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है. इसके जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है.
वैश्विक सप्लाई पर बड़ा खतरा
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि इस तरह का अभूतपूर्व व्यवधान नीति निर्माताओं और निवेशकों को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की संरचनात्मक कमजोरियों पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर कर सकता है. खासकर मध्य पूर्व में उत्पादन और अतिरिक्त क्षमता के अधिक केंद्रीकरण को लेकर चिंता बढ़ी है.
भंडार बढ़े, लेकिन संकट बरकरार
हालांकि एशिया में आपूर्ति की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, लेकिन अमेरिका और यूरोप सहित ओईसीडी देशों में कच्चे तेल का भंडार लगातार बढ़ रहा है. यह दर्शाता है कि संघर्ष शुरू होने से पहले वैश्विक आपूर्ति मांग से अधिक थी.
उत्पादन में भारी गिरावट का खतरा
बैंक के अनुसार, मध्य पूर्व में कच्चे तेल के उत्पादन में होने वाली हानि 11 मिलियन बैरल प्रति दिन से बढ़कर 17 मिलियन बैरल प्रति दिन तक पहुंच सकती है. यदि सामान्य स्थिति बहाल होने में चार सप्ताह का समय लगता है, तो कुल संचयी हानि 800 मिलियन बैरल से अधिक हो सकती है.
यह भी पढ़े: Gold Silver Price Today: सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, करीब 14,500 रुपये तक टूटे दाम