लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए वक्रासन एक उपयोगी योगासन माना जाता है. इसके नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बनाए रखने, कमर और कंधों के खिंचाव को कम करने और पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है. जानें वक्रासन करने का सही तरीका और इसके फायदे.
वृश्चिकासन यानी Scorpion Pose एक कठिन योगासन है. इसके अभ्यास से मांसपेशियों की मजबूती, शरीर का संतुलन, लचीलापन और एकाग्रता बेहतर करने में मदद मिल सकती है. जानें जरूरी सावधानियां.
विपरीतकरणी आसन एक सरल और विश्रामकारी योग अभ्यास है. नियमित अभ्यास से शरीर में रक्त संचार, मानसिक शांति और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है.
तिर्यक ताड़ासन एक सरल खड़े होकर किया जाने वाला योगासन है. इसके अभ्यास से रीढ़ की लचक, संतुलन और एकाग्रता में सुधार के साथ पाचन और कमर से जुड़ी परेशानियों में मदद मिल सकती है. जानें सही तरीका और सावधानियां.
पद्मासन योग की प्रमुख ध्यानात्मक मुद्राओं में शामिल है. इसका नियमित अभ्यास एकाग्रता, मानसिक शांति, पाचन और शरीर के लचीलेपन के लिए उपयोगी हो सकता है. जानें इसके फायदे और सावधानियां.
बारिश और बदलते मौसम में सर्दी-खांसी की समस्या आम है. आयुष मंत्रालय के अनुसार अनुलोम-विलोम प्राणायाम खांसी से जुड़ी समस्याओं में राहत और तनाव व चिंता कम करने में मदद कर सकता है.
Eka Pada Rajakapotasana एक उन्नत योगासन है, जिसे कूल्हों और रीढ़ के लचीलेपन के लिए उपयोगी माना जाता है. जानें इसे करने का सही तरीका और किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए.
कूर्मासन को कछुआ आसन भी कहा जाता है. नियमित अभ्यास से रीढ़ की लचक, पाचन और मानसिक शांति में मदद मिल सकती है. जानिए इसके फायदे और किन लोगों को इससे बचना चाहिए.
भुजंगासन यानी Cobra Pose शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद माना जाता है. इसके नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाने, पाचन सुधारने, छाती और कंधों की मांसपेशियों को स्ट्रेच करने और तनाव व थकान कम करने में मदद मिल सकती है. जानें भुजंगासन करने का सही तरीका.
Shalabhasana Benefits: लंबे समय तक कुर्सी पर बैठने और मोबाइल पर झुककर रहने से कमर और पीठ की परेशानी बढ़ सकती है. ऐसे में शलभासन को योग रूटीन में शामिल किया जा सकता है. जानें इसके संभावित फायदे और जरूरी सावधानियां.