Gaza War: गाजा में इजरायल ने फिर बरपाया कहर, ताजा हमले में 78 की मौत

Raginee Rai
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Gaza War: गाजा में इजरायली सेना ने एक बार फिर हवाई हमला किया है. इजरायल के हमलों से गाजा में हाहाकार मच गया है. इजरायली सेना की इस कार्रवाई में कम से कम 78 लोगों की मौत हो गई है जिसमें जिनमें एक गर्भवती महिला भी शामिल है. स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस हमले की जानकारी दी है.

भोजन की तलाश में थे लोग

स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि गर्भवती महिला की मौत होने के बाद एक जटिल सर्जरी कर उसका प्रसव कराया गया लेकिन उसके नवजात शिशु की भी जान चली गई. अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में कई लोग भोजन की तलाश में थे. इस हमले से पहले ही इजरायल ने क्षेत्र में गंभीर होते मानवीय संकट को देखते हुए प्रतिबंधों में ढील दी थी.

इजरायल ने कहा…  

गाजा में भुखमरी के बढ़ते संकट को लेकर बढ़ते अंतरराष्‍ट्रीय दबाव के बीच इजरायल ने बीते सप्ताह कहा था कि वह गाजा सिटी, दीर अल-बलाह और मुवासी क्षेत्रों में रोज 10 घंटे के लिए सैन्य कार्रवाई रोकेगा और मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए सुरक्षित रास्तों की व्यवस्था करेगा. अंतरराष्ट्रीय विमानों के माध्‍यम से मदद पहुंचाने की सेवा भी बहाल कर दी गई है. इस बीच विभिन्न सहायता एजेंसियों का कहना है कि यह कदम गाजा में बढ़ती भुखमरी की स्थिति से निपटने के लिए अपर्याप्‍त है.

गाजा के ताजा हालात

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एजेंसी के प्रवक्ता मार्टिन पेनर ने कहा कि हाल ही में गाजा पहुंचने वाले उसके सभी 55 ट्रक को गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही भीड़ ने लूट लिया था. यूनए के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि जमीनी स्तर पर अब तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ है और वैकल्पिक रास्तों की परमिशन नहीं दी गई है. इजरायल ने यह भी साफ किया है कि मानवीय राहत के इन नए उपायों के साथ ही सैन्य अभियान भी जारी रहेगा.

ये भी पढ़ें :- लोकसभा में सुप्रिया सुले ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ, कहा- ‘प्रधानमंत्री का बड़प्पन…’

 

 

  

 

Latest News

Punjab Power Crisis: कोयले की कमी से नहीं घटा बिजली उत्पादन, कोयला मंत्रालय ने बताई असली वजह

कोयला मंत्रालय ने पंजाब में बिजली उत्पादन घटने के पीछे कोयले की कमी को जिम्मेदार ठहराने वाली खबरों को खारिज किया है. मंत्रालय के अनुसार, बिजलीघरों का कम उपयोग, तकनीकी खराबियां और उपलब्ध कोयले का समय पर उठान न होना प्रमुख वजहें हैं.

More Articles Like This

Exit mobile version