धन-दौलत से नहीं संतोष से मिलती है सच्ची खुशी: दिव्य मोरारी बापू

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, चार चीजों का सेवन सदा करना चाहिए- सत्संग, संतोष, दान और दया, गोधन गज धन वाजि धन, और रतन धन खान। जब आवे संतोष धन, सब धन धूरि समान।।
चार अवस्थाओं में आदमी बिगड़ता है इसलिये इनसे सावधान रहना चाहिए- जवानी, धन, अधिकार और अविवेक।
रूप यौवन संपत्ति, प्रभुत्वम अविवेकितां।
 एकैकनप्यनर्थाय किम यत्रा चतुष्टयम्।।
चार चीजें मनुष्य को बड़े भाग्य से मिलती है- भगवान् को याद रखने की लगन, संतों की संगति, चरित्र की निर्मलता और उदारता।
संत समागम हरि कथा, तुलसी दुर्लभ दोय।
सुतदारा और लक्ष्मी पापी के भी होय।।
चार गुण बहुत दुर्लभ हैं- धन में पवित्रता, दान में विनय, वीरता में दया और अधिकार में निरभिमानिता।
प्रिय बोली सज्जनता, दातारी सुरपंथ।
अभ्यासे न मिले बिना कृपा भगवन्त।।
चार बातों को याद रखो- बड़े-बूढ़ों का आदर करना,  छोटों की रक्षा एवं उनसे स्नेह करना, बुद्धिमानों से सलाह लेना और मूर्खों के साथ कभी न उलझना।
जग की सेवा खोज अपनी प्रीति प्रभु सों कीजिए।
जिन्दगी का राज है यह जानकर जी लीजिए।।
सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना।
Latest News

भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को मिलेगी नई उड़ान, 2033 तक 44 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य

India Space Economy: भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र अब केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था,...

More Articles Like This