Sarvangasana Benefits: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, थकान और अनियमित दिनचर्या का असर सीधे शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. ऐसे में योग एक ऐसा प्राकृतिक उपाय है, जो न केवल शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है, बल्कि मन को भी शांत और संतुलित बनाता है. योग के अनेक आसनों में सर्वांगासन को बेहद प्रभावी माना जाता है. आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह ऐसा योगासन है जो शरीर के कई अंगों के बेहतर संचालन, रक्त संचार में सुधार और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है.
क्या है सर्वांगासन?
सर्वांगासन दो शब्दों से मिलकर बना है. ‘सर्व’ का अर्थ है ‘सभी’ और ‘अंग’ का मतलब है ‘शरीर के भाग’. इस आसन में पूरे शरीर को कंधों और कोहनियों के सहारे ऊपर उठाया जाता है. इसी वजह से इसे ऐसा योगासन माना जाता है, जो पूरे शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालता है.
आयुष मंत्रालय ने बताए सर्वांगासन के फायदे
आयुष मंत्रालय के मुताबिक, सर्वांगासन को ‘आसनों की रानी’ भी कहा जाता है. इसका नियमित अभ्यास शरीर का संतुलन, लचीलापन और आंतरिक अंगों के कार्यों को बेहतर बनाने में मदद करता है. यह विशुद्धि चक्र को सक्रिय और संतुलित करने में भी सहायक माना जाता है, जिससे मानसिक शांति और स्थिरता का अनुभव हो सकता है.
रक्त संचार बेहतर बनाने में मददगार
सर्वांगासन के दौरान शरीर उल्टी दिशा में रहता है, जिससे रक्त संचार बेहतर होने में मदद मिलती है. बेहतर ब्लड सर्कुलेशन के कारण शरीर की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व प्रभावी ढंग से पहुंचते हैं, जिससे शरीर की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है.
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक
विशेषज्ञों के अनुसार, इस आसन का नियमित अभ्यास शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में मदद कर सकता है. साथ ही, ग्रीवा क्षेत्र (Neck Region) की ग्रंथियों और उनसे जुड़े अंगों के कार्यों को संतुलित रखने में भी यह लाभदायक माना जाता है.
वेंस में ब्लड फ्लो सुधारने में मिल सकती है मदद
सर्वांगासन करने से शिराओं (Veins) में रक्त की वापसी की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है. इससे पैरों में भारीपन और थकान जैसी समस्याओं को कम करने में भी सहायता मिल सकती है.
सही तरीके से करें अभ्यास
सर्वांगासन के दौरान शरीर का पूरा भार कंधों और कोहनियों पर संतुलित रहता है. इसलिए शुरुआती लोगों को इस आसन का अभ्यास किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही करना चाहिए. सही तकनीक अपनाने से चोट लगने का जोखिम कम होता है.
किन लोगों को नहीं करना चाहिए सर्वांगासन?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को यह आसन करने से बचना चाहिए. इनमें शामिल हैं:
- हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure)
- सर्वाइकल या गर्दन में दर्द
- हाइपरथायरायडिज्म
यदि आपको इनमें से कोई भी समस्या है, तो सर्वांगासन करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. इससे किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य जोखिम से बचा जा सकता है.
यह भी पढ़े: उदास रहने के पीछे होती है ये खास वजह, जानिए कैसे करें समाधान!

