रोज 10,000 कदम चलना जरूरी है या नहीं? जानिए कितनी वॉक है सेहत के लिए सबसे फायदेमंद

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

How Many Kilometers Should You Walk In A Day: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट और स्वस्थ रहने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं. कोई जिम जाता है तो कोई योग और रनिंग का सहारा लेता है. हालांकि इन सबके बीच वॉकिंग यानी पैदल चलना आज भी सबसे आसान, सुरक्षित और असरदार एक्सरसाइज मानी जाती है. नियमित रूप से पैदल चलने से शरीर सक्रिय रहता है, दिल स्वस्थ रहता है, वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ता है. लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर एक दिन में कितनी वॉक करनी चाहिए और क्या ज्यादा चलना भी नुकसान पहुंचा सकता है?

हेल्थ से जुड़ी जानकारी देने वाली वेबसाइट GoodRx के एक्सपर्ट्स के अनुसार हर व्यक्ति के लिए चलने की आदर्श दूरी अलग-अलग हो सकती है. यह उसकी उम्र, फिटनेस, स्वास्थ्य स्थिति और चलने की गति पर निर्भर करती है. जो लोग पहले से नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, वे आमतौर पर नए लोगों की तुलना में ज्यादा दूरी आसानी से तय कर सकते हैं.

रोज कितनी वॉक करना माना जाता है सही?

विशेषज्ञ सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करने की सलाह देते हैं. इसका मतलब है कि आप सप्ताह में छह दिन करीब 25 मिनट तक तेज चाल से चल सकते हैं. आमतौर पर यह दूरी 2 से 3 किलोमीटर के आसपास हो सकती है, हालांकि यह व्यक्ति की गति और फिटनेस स्तर के अनुसार बदल सकती है. नियमित रूप से इतनी वॉक करने से शरीर सक्रिय बना रहता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है. यही वजह है कि डॉक्टर और फिटनेस एक्सपर्ट्स रोजाना कुछ समय पैदल चलने की सलाह देते हैं.

क्या 10,000 कदम चलना जरूरी है?

10,000 कदम प्रतिदिन चलने का लक्ष्य दुनिया भर में काफी लोकप्रिय है. कई फिटनेस ऐप और स्मार्टवॉच भी लोगों को इसी लक्ष्य तक पहुंचने के लिए प्रेरित करती हैं. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि 10,000 कदम कोई जादुई संख्या नहीं है. एक रिसर्च में पाया गया कि रोजाना लगभग 7,000 कदम चलने वाले लोगों में समय से पहले मृत्यु का जोखिम कम देखा गया. वहीं 7,000 कदम और 10,000 से ज्यादा कदम चलने वालों के बीच स्वास्थ्य लाभ में बहुत बड़ा अंतर नहीं पाया गया. ऐसे में यदि कोई व्यक्ति रोजाना 7,000 कदम तक पहुंच रहा है तो भी उसे अच्छे स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं.

4,000 स्टेप्स को लेकर क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

हाल के दिनों में 4,000 स्टेप्स को लेकर भी कई दावे किए जा रहे हैं. कुछ अध्ययनों में यह संकेत मिला है कि पूरी तरह निष्क्रिय रहने की तुलना में प्रतिदिन 4,000 कदम चलना भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि किसी एक तय संख्या पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय लगातार सक्रिय रहना अधिक महत्वपूर्ण है. जितना अधिक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार सक्रिय रहेगा, उतना ही बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिलने की संभावना होगी.

ज्यादा चलना कब बन सकता है नुकसान की वजह?

अक्सर यह माना जाता है कि ज्यादा चलने से ज्यादा फायदा होगा, लेकिन हर व्यक्ति के लिए यह बात सही नहीं होती. यदि शरीर को पर्याप्त आराम दिए बिना लगातार जरूरत से ज्यादा वॉक की जाए तो ओवरट्रेनिंग या ओवरएक्सर्शन जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. ऐसे में शरीर कुछ संकेत देने लगता है जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर वॉक के बाद लंबे समय तक मांसपेशियों में दर्द बना रहे, शरीर भारी महसूस हो, लगातार थकान बनी रहे या पहले की तुलना में आपकी परफॉर्मेंस कम होने लगे, तो यह जरूरत से ज्यादा चलने का संकेत हो सकता है. इसके अलावा बार-बार मोच आना, चोट लगना, चलने की इच्छा कम होना, चिड़चिड़ापन बढ़ना, भूख कम लगना और बार-बार सर्दी-जुकाम होना भी ओवरएक्सर्शन के संकेत माने जाते हैं.

अपने शरीर की क्षमता को समझना है जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी तय संख्या के पीछे भागने से ज्यादा जरूरी है कि आप अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार सक्रिय रहें. यदि आप वॉकिंग की शुरुआत कर रहे हैं तो कम समय और कम दूरी से शुरुआत करें. इसके बाद धीरे-धीरे समय और दूरी बढ़ाते जाएं. वहीं जो लोग पहले से फिट हैं, वे अपनी क्षमता के अनुसार वॉक की गति, दूरी या उसकी आवृत्ति बढ़ा सकते हैं. इस तरह शरीर पर अचानक ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और चोट लगने का खतरा भी कम रहता है.

वॉकिंग के क्या हैं बड़े फायदे?

नियमित रूप से पैदल चलना दिल की सेहत को बेहतर बनाने, वजन नियंत्रित रखने, ब्लड शुगर को संतुलित करने और मानसिक तनाव को कम करने में मदद कर सकता है. इसके अलावा रोजाना वॉक करने से शरीर की सक्रियता बनी रहती है और कई जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का जोखिम भी कम हो सकता है. यही वजह है कि फिटनेस विशेषज्ञ किसी तय स्टेप काउंट के पीछे भागने के बजाय नियमित रूप से सक्रिय रहने और अपने शरीर की जरूरतों को समझते हुए वॉकिंग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं.

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है. The Printlines इसमें दी गई किसी भी स्वास्थ्य सलाह या दावे की पुष्टि नहीं करता. किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

यह भी पढ़े:Gold Silver Price Today: सोना हुआ सस्ता, चांदी के भाव भी लुढ़के; जानिए आपके शहर का ताजा  रेट

Latest News

ममता बनर्जी को फिर झटका: चार दिन में 4 इस्तीफे, कोयल मल्लिक भी दीदी से हुई अलग

Mamata Banerjee: बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में सियासी हलचल मची हुई है. पार्टी...

More Articles Like This