आप अपना पिंडदान और श्राद्ध स्वयं करोगे तो ही प्राप्त होगी सद्गति: दिव्य मोरारी बापू

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीमद्भागवतमहापुराण में पुरंजन की कथा आती है।पुरंजन का अविज्ञात नामक एक मित्र था। वह हमेशा उसकी गुप्त रूप से मदद करता था। यह पुरंजन अर्थात् जीवात्मा और अविज्ञात अर्थात् परमात्मा।
जीव ईश्वर से अलग होने वाला उसी का अंश है। जीव को अपना समझने के कारण ही ईश्वर की उस पर अपार करुणा है। वह जीवात्मा की हर क्षण गुप्त रूप से मदद किया करता है। प्रभु जीव से कहते हैं – धरती पर खेती करने का काम तेरा है तो पानी बरसाने का काम मेरा है। बीज बोना तेरे जिम्मे में है तो उसको अंकुरित करने का काम मेरे जिम्मे है। तू खेती की रखवाली करना, मैं अनाज पकाऊँगा।तू भोजन करना, मैं उसे पचाऊँगा।
भोजन के बाद सोने का काम तेरा और उस गाफिल दशा में तेरी रक्षा करने का काम मेरा। इस जीव पर परमात्मा के इतने उपकार हैं, फिर भी यह जीव कितना कृतघ्न है? जिसके सहारे यह पैदा होता है, जीवित रहता है और विजय प्राप्त करता है, क्या उसके उपकार को यह कभी याद करता है?
आप अपना पिंडदान और श्राद्ध स्वयं ही करोगे तो ही सद्गति प्राप्त होगी। पिंडदान अर्थात् सत्कर्म और ईश्वर की आराधना। दूसरे के भरोसे कल्याण की आशा रखने वाले वंचित रह जाते हैं। स्वयं सत्कर्म और प्रभु का नाम-स्मरण करने वाले, प्रभु चरणों की प्राप्ति कर लेते हैं और उनका जीवन सफल हो जाता है। सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना।
Latest News

ऑनलाइन ठगी पर तगड़ा वार! अब WhatsApp अकाउंट सीधे सिम कार्ड से होगा लिंक, सरकार ने SC में पेश किया मास्टर प्लान

ऑनलाइन ठगी और डिजिटल गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. सिम से पहचान जोड़ने और बड़े मामलों की सख्त जांच की तैयारी की गई है.

More Articles Like This