Navasana Benefits: पेट की चर्बी कम करने से लेकर एब्स मजबूत बनाने तक फायदेमंद है नौकासन, जानिए सही तरीका

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Navasana Benefits: भागदौड़ भरी जिंदगी, घंटों बैठकर काम करने की आदत और अनियमित दिनचर्या का सबसे ज्यादा असर हमारे पेट और रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है. ऐसे में योग न सिर्फ शरीर को फिट रखने का काम करता है, बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है. इन्हीं प्रभावी योगासनों में से एक है नावासन (नौकासन), जिसे पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और शरीर का संतुलन बेहतर करने के लिए जाना जाता है. आयुष मंत्रालय भी इसे एक प्रभावी योगासन मानता है. आइए जानते हैं नौकासन के फायदे, इसे करने का सही तरीका और किन लोगों को इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए…

क्या है नावासन?

नावासन को नौकासन भी कहा जाता है. यह दो शब्दों से मिलकर बना है. ‘नावा’ का अर्थ है नाव (Boat) और ‘आसन’ का अर्थ है मुद्रा. इस योगासन के दौरान शरीर का आकार नाव की तरह दिखाई देता है, इसलिए इसे नावासन कहा जाता है.

नौकासन करने के फायदे

आयुष मंत्रालय के अनुसार, नौकासन शरीर को मजबूत और संतुलित बनाने वाला प्रभावी योगासन है.

  • पेट, पीठ और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है.
  • शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने में सहायक माना जाता है.
  • रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने में मदद करता है.
  • शरीर का संतुलन और लचीलापन बेहतर होता है.
  • मानसिक एकाग्रता और फोकस बढ़ाने में मदद करता है.
  • नियमित अभ्यास से एब्स मजबूत बनाने में भी लाभ मिल सकता है.

नौकासन करने का सही तरीका

नौकासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल सीधे लेट जाएं और दोनों पैरों को आपस में मिला लें. हाथों को शरीर के दोनों तरफ सीधा रखें. अब गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपने पैरों और सीने को ऊपर उठाएं. साथ ही दोनों हाथों को आगे की ओर बढ़ाएं ताकि वे पैरों की दिशा में रहें. इस दौरान नजरें पैरों पर रखें और कोशिश करें कि हाथ और पैर एक सीध में दिखाई दें. कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहें और पेट की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस करें. इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में वापस आ जाएं.

किन लोगों को नहीं करना चाहिए नौकासन?

आयुष मंत्रालय ने कुछ लोगों को नौकासन से बचने की सलाह दी है.

  • जिन लोगों को दिल की गंभीर बीमारी है, उन्हें इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए.
  • अस्थमा से पीड़ित लोगों को भी इससे बचने की सलाह दी गई है.
  • माइग्रेन, तेज सिरदर्द या लो ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए.
  • गर्भावस्था के दौरान नौकासन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पेट पर दबाव पड़ता है.

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