Shavasana Benefits: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, लगातार मोबाइल-लैपटॉप का इस्तेमाल और घंटों एक ही जगह बैठे रहने की आदत शरीर और दिमाग दोनों पर असर डालती है. दिन खत्म होने तक थकान, तनाव और बेचैनी महसूस होना आम हो गया है. ऐसे में योग का शवासन शरीर को आराम देने और मन को शांत करने वाली सरल मुद्रा मानी जाती है. खास बात यह है कि इसे करने के लिए किसी कठिन योग मुद्रा या ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं होती. शवासन को योग की विश्राम मुद्रा कहा जाता है.
इसमें व्यक्ति पीठ के बल लेटकर अपने पूरे शरीर को ढीला छोड़ देता है. ‘शवासन’ शब्द ‘शव’ से बना है, जिसका अर्थ मृत शरीर होता है. इस मुद्रा में शरीर को बिल्कुल स्थिर और ढीला रखा जाता है. हालांकि, देखने में यह जितना आसान लगता है, इसे सही तरीके से करना उतना ही चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
शवासन कैसे करें?
शवासन के लिए सबसे पहले किसी शांत और समतल जगह पर योग मैट बिछाकर पीठ के बल सीधे लेट जाएं. दोनों पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखें और हाथों को शरीर से थोड़ी दूरी पर आराम की स्थिति में रखें. हथेलियां ऊपर की ओर रहें. अब अपनी आंखें बंद करें और शरीर को धीरे-धीरे ढीला छोड़ना शुरू करें. सिर, गर्दन, कंधे, हाथ, पैर और शरीर की दूसरी मांसपेशियों में किसी तरह का तनाव न रखें.
इसके बाद अपना ध्यान सांसों पर लगाएं और सामान्य तरीके से धीरे-धीरे सांस लेते रहें. इस दौरान शरीर को ज्यादा हिलाने-डुलाने से बचें और मन को भी शांत रखने की कोशिश करें. किसी दूसरे काम या विचार पर ध्यान देने के बजाय अपनी सांस और शरीर के आराम को महसूस करें. कुछ समय इसी स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे हाथ-पैरों को हिलाएं. फिर आराम से करवट लें और इसके बाद उठकर बैठें. शवासन करते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए.
सबसे आसान दिखने वाला, लेकिन मुश्किल आसन
शवासन को देखकर अक्सर लगता है कि इसमें सिर्फ जमीन पर लेटना होता है. लेकिन इसकी असली चुनौती शरीर के साथ-साथ मन को भी शांत रखना है. सामान्य तौर पर जब हम आराम करने के लिए लेटते हैं तो कुछ ही देर में नींद आने लगती है या दिमाग में अलग-अलग विचार चलते रहते हैं. शवासन में शरीर को पूरी तरह आराम देने के साथ जागरूक रहने की कोशिश की जाती है. इसी वजह से इसे केवल आराम करने की मुद्रा नहीं, बल्कि सचेतन विश्राम का अभ्यास भी माना जाता है.
तनाव और चिंता कम करने में मदद
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, शवासन तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है. दिनभर के काम के बाद कुछ समय इस मुद्रा में बिताने से शरीर को आराम देने और मानसिक तनाव कम करने में सहायता मिल सकती है. लगातार काम और स्क्रीन के इस्तेमाल से होने वाली मानसिक थकान के बीच यह एक सरल रिलैक्सेशन अभ्यास के तौर पर किया जा सकता है.
नींद की गुणवत्ता के लिए फायदेमंद
शवासन का अभ्यास शरीर और दिमाग को शांत करने में मदद करता है. आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और अनिद्रा की समस्या को दूर करने में भी मदद कर सकता है. रात में सोने से पहले रिलैक्सेशन के लिए शवासन को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है. हालांकि, अगर लंबे समय से नींद से जुड़ी समस्या बनी हुई है, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है.
ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य
शवासन के दौरान शरीर को पूरी तरह आराम देने और सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से तनाव कम करने में मदद मिल सकती है. आयुष मंत्रालय के अनुसार, शवासन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और हृदय के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में भी सहायक है. हालांकि, ब्लड प्रेशर या हृदय से जुड़ी बीमारी से परेशान लोगों को इसे किसी उपचार के विकल्प के तौर पर नहीं लेना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.
मांसपेशियों की थकान और तनाव होगा कम
दिनभर काम करने या लंबे समय तक एक ही मुद्रा में रहने से शरीर की मांसपेशियों में तनाव और थकान महसूस हो सकती है. शवासन में शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ने से मांसपेशियों को आराम मिलता है. इसके नियमित अभ्यास से शरीर में रिलैक्सेशन की भावना बढ़ सकती है और दिनभर की थकान कम करने में मदद मिल सकती है.
दिमाग को शांत कर एकाग्रता बढ़ाने में मदद
शवासन का असर केवल शरीर तक सीमित नहीं माना जाता. इस मुद्रा में सांसों पर ध्यान देने और मन को शांत रखने की कोशिश की जाती है, जिससे मानसिक विश्रांति मिल सकती है. आयुष मंत्रालय के अनुसार, शवासन मस्तिष्क को शांत करने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है. नियमित अभ्यास मानसिक शांति और संतुलन बनाए रखने में भी सहायक हो सकता है.
शरीर को देता है गहरी विश्रांति
शवासन में शरीर को बिना किसी खिंचाव के आराम की स्थिति में रखा जाता है. इससे शरीर की कोशिकाओं और तंत्रिका तंत्र को गहरी विश्रांति देने में मदद मिलती है. यही कारण है कि योग अभ्यास के दौरान भी शवासन को काफी महत्व दिया जाता है. यह सरल मुद्रा शरीर की थकान कम करने के साथ नई ऊर्जा महसूस कराने में मदद कर सकती है.
शवासन करते समय इन सावधानियों का रखें ध्यान
शवासन आसान जरूर है, लेकिन इसे करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभ्यास के दौरान सोने की कोशिश न करें. इसका उद्देश्य जागरूक रहते हुए शरीर और मन को आराम देना है. गर्भवती महिलाओं और कमर दर्द से परेशान लोगों को शवासन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए.
इसी तरह अगर किसी व्यक्ति को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले डॉक्टर या योग्य योग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है.
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