Dhanurasana: धनुरासन करते समय इन 5 गलतियों से रहें सावधान, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Dhanurasana: योग में कुछ आसन ऐसे हैं जो शरीर की ताकत और लचीलेपन, दोनों पर काम करते हैं. धनुरासन भी ऐसा ही एक आसन है, जिसमें शरीर धनुष जैसी मुद्रा में आ जाता है. इसका अभ्यास पीठ, पेट, जांघों और कंधों की मांसपेशियों को सक्रिय करता है. सही तकनीक के साथ किया जाए तो यह शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसे गलत तरीके से करने पर चोट का खतरा भी रहता है. खासकर कमर, घुटनों और कंधों पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ सकता है. इसलिए अगर आप धनुरासन करते हैं, तो इन 5 गलतियों से बचना बेहद जरूरी है.

धनुरासन क्या है और क्यों किया जाता है?

धनुरासन को अंग्रेजी में बो पोज कहा जाता है. इस आसन में पेट के बल लेटकर पैरों को पीछे की ओर मोड़ते हुए हाथों से टखनों को पकड़ा जाता है. इसके बाद छाती और पैरों को ऊपर उठाया जाता है, जिससे शरीर धनुष जैसा नजर आता है. मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के अनुसार, धनुरासन पाचन को बेहतर करने, पीठ के दर्द को कम करने और शरीर को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है. हालांकि, इसके लिए आसन की सही तकनीक और शरीर की क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है.

1. टखनों को गलत तरीके से पकड़ना

धनुरासन में टखनों की पकड़ बेहद महत्वपूर्ण होती है. कई लोग टखनों को ठीक से पकड़ नहीं पाते या हाथों की पकड़ इतनी ढीली रखते हैं कि आसन के दौरान संतुलन बिगड़ जाता है. इससे कंधों पर अतिरिक्त खिंचाव पड़ सकता है. आसन करते समय दोनों हाथों से टखनों को मजबूती से पकड़ें. कंधों को पीछे की तरफ रखते हुए पैरों और हाथों के बीच संतुलित तनाव बनाने की कोशिश करें. शरीर को जबरदस्ती खींचने के बजाय अपनी क्षमता के अनुसार ही स्ट्रेच करें.

2. घुटनों को जरूरत से ज्यादा फैलाना

धनुरासन में एक और आम गलती घुटनों को बहुत ज्यादा फैला देना है. कुछ लोग पैरों को ऊपर उठाने के लिए घुटनों पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालते हैं. इससे घुटने के आसपास के हिस्से पर अनावश्यक तनाव पड़ सकता है. सही तरीके से अभ्यास करते समय घुटनों के बीच लगभग हिप्स के बराबर दूरी रखने की कोशिश करें. पैरों को ऊपर उठाते समय जांघों की मांसपेशियों को सक्रिय रखें. सिर्फ घुटनों पर जोर देकर पैरों को ऊपर उठाने की कोशिश न करें. अगर आपको पहले से घुटने में दर्द या कोई चोट है, तो धनुरासन करने से पहले योग विशेषज्ञ या चिकित्सक की सलाह लेना बेहतर है.

3. पूरा दबाव कमर पर डालना

धनुरासन को केवल पीठ का आसन समझना भी एक बड़ी गलती हो सकती है. इस मुद्रा में जांघों, नितंबों और कोर मसल्स की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. अगर इन मांसपेशियों को सक्रिय नहीं रखा गया तो शरीर का ज्यादा दबाव कमर के निचले हिस्से पर आ सकता है. आसन के दौरान जांघों को सक्रिय रखें और नितंबों को हल्का टाइट रखें. जब आप पैरों को पीछे की तरफ खींचते हैं तो जांघों में खिंचाव महसूस होना चाहिए. शरीर को इस तरह उठाएं कि पीठ पर अचानक पूरा दबाव न आए.

4. शरीर को झटके से ऊपर उठाना

धनुरासन में जल्दीबाजी करना नुकसान पहुंचा सकता है. कई लोग छाती और पैरों को ऊपर उठाने के लिए अचानक जोर लगाते हैं. इससे पीठ में खिंचाव या ऐंठन हो सकती है. इस आसन में शरीर के अलग-अलग हिस्सों का तालमेल जरूरी है. जब पैरों को पीछे की तरफ खींचा जाता है तो छाती को ऊपर उठने में मदद मिलती है. इसलिए शरीर को झटके से ऊपर उठाने के बजाय धीरे-धीरे और नियंत्रित तरीके से मुद्रा में जाएं.

5. आसन के दौरान सांस रोकना

योग में सांस का सही तालमेल बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. धनुरासन करते समय सांस रोककर रखना सही तरीका नहीं है. ऐसा करने से असहजता और घबराहट महसूस हो सकती है. शरीर को मुद्रा में लाते समय सांस का नियंत्रण बनाए रखें और अंतिम स्थिति में सामान्य रूप से सांस लेते रहें. अपनी क्षमता के अनुसार करीब 15 से 20 सेकंड तक मुद्रा में रहने के बाद धीरे-धीरे शरीर को नीचे लाएं. शुरुआत करने वाले लोग कम समय से अभ्यास शुरू कर सकते हैं.

इन लोगों को धनुरासन करने से बचना चाहिए

हर व्यक्ति के लिए धनुरासन उपयुक्त नहीं होता. हाई ब्लड प्रेशर, हर्निया, अल्सर, गंभीर पीठ दर्द या हाल ही में पेट की सर्जरी कराने वाले लोगों को इस आसन से बचना चाहिए. गर्भवती महिलाओं को भी धनुरासन नहीं करना चाहिए. जिन लोगों को घुटने, कंधे या कमर से जुड़ी पहले से कोई समस्या है, उन्हें बिना विशेषज्ञ की सलाह के यह आसन नहीं करना चाहिए. योग का अभ्यास शरीर की क्षमता के अनुसार करना जरूरी है.

धनुरासन करते समय इन बातों का रखें ध्यान

धनुरासन का अभ्यास शुरुआत में खाली पेट और योग मैट पर करना बेहतर माना जाता है. शरीर को अपनी क्षमता से ज्यादा पीछे खींचने या पैरों को जबरदस्ती ऊपर उठाने की कोशिश न करें. शुरुआत करने वाले लोगों के लिए प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की निगरानी में अभ्यास करना अधिक सुरक्षित हो सकता है. ध्यान रखें कि किसी भी योगासन का उद्देश्य शरीर को जबरदस्ती मोड़ना नहीं, बल्कि नियंत्रित तरीके से उसकी क्षमता और लचीलेपन पर काम करना है. अगर धनुरासन करते समय तेज दर्द, चक्कर या असहजता महसूस हो तो तुरंत आसन से बाहर आ जाएं और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लें.

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