Hanumanasana Benefits: आजकल ज्यादातर लोग घंटों तक ऑफिस की कुर्सी या घर पर लैपटॉप के सामने बैठे-बैठे काम करते हैं. इसका सबसे ज्यादा असर कमर, कूल्हों और पैरों की मांसपेशियों पर पड़ता है. धीरे-धीरे शरीर में जकड़न बढ़ने लगती है, लचीलापन कम हो जाता है और कमर दर्द जैसी समस्याएं परेशान करने लगती हैं. अगर आप भी ऐसी परेशानी से जूझ रहे हैं, तो योग का एक खास आसन आपकी मदद कर सकता है.
हनुमानासन न सिर्फ शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि पैरों, कूल्हों और पेल्विक मांसपेशियों को भी मजबूत करने में मदद करता है. नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और संतुलन बेहतर होता है.
क्या है हनुमानासन?
हनुमानासन हठयोग का एक उन्नत स्तर का योगासन माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसका नाम भगवान हनुमान की उस विशाल छलांग से प्रेरित है, जो उन्होंने माता सीता की खोज में लंका जाने के दौरान लगाई थी. यही कारण है कि इस आसन को शक्ति, संतुलन और लचीलेपन का प्रतीक माना जाता है.
आयुष मंत्रालय ने बताए हनुमानासन के फायदे
आयुष मंत्रालय के अनुसार, हनुमानासन (स्प्लिट्स पोज) शरीर के लचीलेपन और संतुलन को बढ़ाने वाला एक प्रभावी योगासन है. यह विशेष रूप से पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत करता है और पैरों, कूल्हों तथा जांघों की जकड़न को कम करने में मदद करता है. नियमित अभ्यास से पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और मानसिक एकाग्रता व धैर्य भी बढ़ता है.
रोज हनुमानासन करने से मिल सकते हैं ये फायदे
हनुमानासन का नियमित अभ्यास शरीर के कई हिस्सों पर सकारात्मक असर डालता है. यह शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे मांसपेशियों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व सही तरीके से पहुंचते हैं. इसके अलावा यह पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और अतिरिक्त चर्बी कम करने में सहायक माना जाता है. नितंबों, जांघों और कूल्हों के आसपास जमा फैट को कम करने में भी यह योगासन फायदेमंद हो सकता है. लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए यह आसन शरीर की जकड़न दूर करने का अच्छा विकल्प माना जाता है.
हनुमानासन करने का सही तरीका
हनुमानासन करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें. इसके बाद दाएं पैर को सामने की ओर सीधा बढ़ाएं और दोनों हाथों को जमीन पर टिकाकर शरीर को संतुलित करें. अब धीरे-धीरे दाएं पैर को आगे और बाएं पैर को पीछे की ओर खिसकाते हुए शरीर को नीचे लाने की कोशिश करें. जब दोनों पैर एक सीध में आ जाएं और संतुलन बन जाए, तब हाथों को छाती के सामने नमस्कार मुद्रा में जोड़ लें. इस स्थिति में 10 से 15 सेकंड तक सामान्य सांस लेते हुए रहें. इसके बाद धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं और दूसरी तरफ से भी यही प्रक्रिया दोहराएं.
हनुमानासन करते समय रखें ये सावधानियां
अगर जांघ, घुटने या कूल्हे में किसी तरह की चोट है, तो इस आसन का अभ्यास करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. आसन करते समय पैरों को जबरदस्ती या झटके के साथ फैलाने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है. शुरुआती लोगों को अभ्यास के दौरान योगा ब्लॉक, कुशन या तकिए का सहारा लेना चाहिए. साथ ही इस आसन को हमेशा खाली पेट और किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में करना अधिक सुरक्षित माना जाता है.
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